+91 8130 405 068 info@hindurakshadal.co.in उत्तर प्रदेश
वापस जाएं
गुरु नानक देव सिख धर्म के संस्थापक

परिचय

गुरु नानक देव जी (1469-1539) सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक थे। उन्होंने 'एक ईश्वर' की शिक्षा दी और समाज में समानता का संदेश दिया।

जन्म: तलवंडी (पाकिस्तान)

मुख्य गुण

समानता, करुणा, सेवा, एकता के प्रचारक

मुख्य गुण

समानता, करुणा, सेवा, एकता के प्रचारक

त्योहार

गुरु पर्व, प्रकाश पर्व

ग्रंथ

गुरु ग्रंथ साहिब

कथा / मिथक

गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में तलवंडी गांव में हुआ। बचपन से ही वे अलौकिक ज्ञान के प्रति आकर्षित थे। उन्होंने अपनी शिक्षाओं से समाज में एक नई ज्योति प्रज्वलित की।

प्रतीकवाद

प्रार्थना

ईश्वर से जुड़ाव

समानता

सभी मनुष्य समान

शक्तियां / क्षमताएं

  • आध्यात्मिक ज्ञान
  • समाज सुधार
  • एकता की शिक्षा

मंत्र

गुरु नानक मंत्र

ॐ नानक नमः

नानक को नमन है

ऐतिहासिक महत्व

गुरु नानक देव जी ने सिख धर्म की स्थापना की जो आज विश्व का पाँचवां सबसे बड़ा धर्म है। उनकी शिक्षाएं समता, भाईचारे और सेवा पर आधारित हैं।

प्रमुख मंदिर

हरमंदिर साहिब

अमृतसर, पंजाब

स्वर्ण मंदिर

गुरुद्वारा नंदेड़

नंदेड़, महाराष्ट्र

गुरु नानक की तपस्थली

सांस्कृतिक प्रभाव

गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं ने भारतीय समाज में समानता और बंधुत्व का संदेश फैलाया। उनकी 'लंगर' प्रथा आज भी समाज सेवा का प्रतीक है।

दार्शनिक पहलू

गुरु नानक देव जी ने 'वाहे गुरु का खेल' की शिक्षा दी। उन्होंने मूर्तिपूजा का विरोध किया और केवल एक ईश्वर की उपासना पर बल दिया।

क्षेत्रीय परंपराएं

  • पंजाब में सिख धर्म प्रमुख है
  • हरियाणा और उत्तराखंड में भी सिख समुदाय है
  • विश्व भर में सिख धर्म फैला हुआ है

किरत करो तो मन का करो, वाहे गुरु का खेल।

Whatever you do, do it with the will of the Guru.

— गुरु नानक देव जी

संबंधित देवी-देवता

हिन्दू रक्षा दल से जुड़ें

धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमारे साथ जुड़ें।

होम पेज पर जाएं