हनुमान जी का जन्म वायु देवता और अंजना के घर हुआ। उनका बाल्यकाल से ही अद्भुत पराक्रम प्रसिद्ध था। वे श्री राम के परम भक्त थे।
हनुमान जी वायु देवता के पुत्र और श्री राम के परम भक्त हैं। वे अपने अद्भुत पराक्रम, बल और भक्ति के लिए विख्यात हैं।
उत्पत्ति: वायु देवता और अंजना के पुत्र
अपरिमित बल, भक्ति, वीरता, विद्या, विनम्रता, निष्ठा
अपरिमित बल, भक्ति, वीरता, विद्या, विनम्रता, निष्ठा
हनुमान जयंती, शनिवार
हनुमान चालीसा
हनुमान जी का जन्म वायु देवता और अंजना के घर हुआ। उनका बाल्यकाल से ही अद्भुत पराक्रम प्रसिद्ध था। वे श्री राम के परम भक्त थे।
शक्ति और बल का प्रतीक
दृढ़ता और स्थिरता
ॐ हनुमते नमः
हनुमान को नमन है
हनुमान जी की भक्ति और शक्ति ने हिंदू पौराणिक कथाओं में एक विशेष स्थान बनाया है। रामायण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अजमेर, राजस्थान
प्रसिद्ध हनुमान जी का मंदिर
वाराणसी
पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख हनुमान मंदिर
हनुमान चालीसा और हनुमान जयंती पूरे भारत में मनाई जाती है। उनकी भक्ति सभी वर्गों और समुदायों में प्रसिद्ध है।
हनुमान जी भक्ति, बल और निष्ठा के प्रतीक हैं। उनका जीवन दर्शाता है कि सच्ची भक्ति से असंभव कार्य भी संभव हैं।
नित्योऽहं नैमित्तिकश्च सात्त्विकः प्रिय आदृतः। राम एव सदा मे भक्तियोगः सदा।
मैं सदैव राम का नित्य, नैमित्तिक और सात्त्विक भक्त हूं।
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