सिद्धार्थ गौतम ने राजकुमार के रूप में जन्म लिया। एक दिन उन्होंने वृद्धावस्था, रोग, मृत्यु और संन्यासी को देखा। इससे प्रभावित होकर उन्होंने सारे राजसुख त्याग दिए और मोक्ष की खोज में निकल पड़े।
महात्मा बुद्ध (गौतम बुद्ध) विश्व के महानतम ज्ञानी और आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने जन्म से ही राजकीय सुखों को त्यागकर मोक्ष की खोज की।
जन्म: लुंबिनी वन (नेपाल)
शांति, करुणा, ज्ञान, मुक्ति के मार्गदर्शक
शांति, करुणा, ज्ञान, मुक्ति के मार्गदर्शक
बुद्ध पूर्णिमा, धार्मिक उत्सव
धम्मपद, सुत्तपिटक
सिद्धार्थ गौतम ने राजकुमार के रूप में जन्म लिया। एक दिन उन्होंने वृद्धावस्था, रोग, मृत्यु और संन्यासी को देखा। इससे प्रभावित होकर उन्होंने सारे राजसुख त्याग दिए और मोक्ष की खोज में निकल पड़े।
ज्ञान की प्राप्ति
धर्म का प्रचार
ॐ बुद्धाय नमः
बुद्ध को नमन है
महात्मा बुद्ध ने बौद्ध धर्म की स्थापना की जो आज विश्व का चौथा सबसे बड़ा धर्म है। उनकी शिक्षाएं आज भी करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं।
बोधगया, बिहार
जहां बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ
म्यांमार
विश्व धरोहर स्थल
बुद्ध की शिक्षाओं ने भारतीय संस्कृति, कला, दर्शन और साहित्य को गहराई से प्रभावित किया। उनका 'अहिंसा' का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है।
बुद्ध ने 'आत्मा' के स्थान पर 'धर्म' को महत्व दिया। उनकी 'अष्टांगिक मार्ग' शांति और मोक्ष की ओर ले जाने वाला मार्ग है।
दुख के कारण से दुख का निवारण होता है।
Suffering is caused by desire, and the way to end suffering is to end desire.
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